HINDI QUESTION PAPERS 2019| CLASS 12 | AHSEC

AHSEC HINDI QUESTION PAPERS
AHSEC CLASS 12 HINDI QUESTION PAPERS

AHSEC HINDI QUESTION PAPERS’ 2019

ASSAM BOARD – AHSEC

( Modern Indian Language )

Full Marks : 100

Time : 3 hours

The figures in the margin indicate full marks for the questions

1. निम्नलिखित काव्यांष को पढकर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

पैदा करती कलम विचारों के जलते अंगारे,

और प्रज्वलित-प्राण देष क्या कभी मरेगा मारे?

लहू गर्म करने को रक्खो मन में ज्वलित विचार,

हिंसक जीव से बचने को चाहिए किन्तु तलवार।

एक भेद है और, जहाँ निर्भय होते नर-नारी

कलम उगलती आग, जहाँ अक्षर बनते चिनगारी।

जहाँ मनुष्यों के भीतर हरदम जलते हैं शोले।

बातों में बिजली होती, होते दिमाग में गोले।

जहाँ लोग पालते लहू में हलाहल की धार,

क्या चिन्ता यदि वहाँ हाथ में हुई नहीं तलवार?

प्रश्न:

(क) कलम कैसे आग उगलती है?

(ख) तलवार किसलिए जरूरी है?

(ग) तलवार न होने की चिंता कहाँ नही रही?

(घ) अक्षरों के चिनगारी बनने का क्या आषय है?

(ङ) इस पद्यांश का एक उपयुक्त शीर्षक दीजिए।

और पढ़े: AHSEC HINDI QUESTION PAPERS‘ 2014

2. निम्नलिखित गद्यांष को पढकर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

भारतीय संविधान निर्माताओं में से एक डॉ. भीमराव आंबेडकर आधुनिक भारतीय चिंतन में अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान के अधिकारी है। उन्होंने जीवनभर दलितों की मुक्ति एवं समाजिक समता के लिए संघर्ष किया। उनका पूरा लेखन इसी संघंर्ष और सरोकार से जुड़ा हुआ है। स्वयं दलित जाति में जन्मे डॉ. आंबेडकर को बचपन से ही जाति-आधारित उत्पीड़न-षोषण एवं अपमान से गुजरना पड़ा था।

इसलिए विद्यालय के दिनों में जब एक अध्यापक ने उनसे पूछा कि ’’तुम पढ़-लिखकर क्या बनोगे ?’’ तो बालक भीमराव ने जवाब दिया था- मैं पढ़ लिखकर वकील बनूँगा, अछूतो के लिए नया कानून बनाऊँगा और छुआछूत को खतम करूँगा। डॉ. आंबेडकर ने अपना पूरा जीवन इसी सकंल्प के पीछे झोंक दिया। इसके लिये उन्होंने जमकर पड़ाई की।

व्यापक अध्ययन एवं चितंन-मनन के बलपर उन्होंने हिन्दुस्थान के स्वाधीनता संग्राम में एक नही अंतर्वस्तु भरने का काम किया। वह यह था कि दासता का सबसे व्यापक व गहन रूप सामाजिक दासता है और इसके उन्मूलन के बिना कोई भी स्वतन्त्रता कुछ लोगों का विषेषाधिकर रहेगी, इसलिए अधूरी होगी।

प्रश्न:

(क) आधुनिक भारतीय चिंतन में भीमराव आंबेडकर का स्थान महत्वपूर्ण क्यों है ?

(ख) डॉ. भीमराव आंबेडकर ने जीवन भर किसकी मुक्ति के लिए संघर्ष किया?

(ग) डॉ. भीमराव आंबेडकर किस जाति के थे?

(घ) ’’तुम पढ़-लिखकर क्या बनोगे?’’ अध्यापक के इस प्रष्न के उत्तर में भीमराव ने क्या कहा?

(ङ) अपने संकल्प को पूरा करने के लिए भीमराव जी ने क्या किया था?

(च) स्वाधीनता संग्राम में नयी अन्तर्वस्तु भरने का काम क्या था?

(छ) किसके बिना स्वतन्त्रता अधूरी होगी?

(ज) अर्थ लिखिए – गुजरना, जमकर, अन्तर्वस्तु और उन्मूलन।

3. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबन्ध लिखिए:

(क) विज्ञान वरदान या अभिषाप (भूमिका – विज्ञान के सदुपयोग – दुरूपयोग – चुनौतियाँ – उपसंहार)

(ख) जनसंचार माध्यम: (भूमिका – प्रकार – सामाजिक जीवन में जनसंचार माध्यम का सुप्रभाव – कुप्रभाव – उपसंहार)

(ग) स्वच्छता अभियान और भारत (भूमिका – स्वच्छता और पर्यावरण का संबंध – नागरिकों का कर्तव्य – प्रशाशन का दायित्व – उपसंहार)

4. अपने इलाके की शोचनीय यातायात की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए किसी भी एक स्थानीय पत्र के सम्पादक के नाम एक पत्र लिखिए।

अथवा

अपने शहर के चिकित्सालय के अस्वास्थ्यकर वातावरण के सम्बंध में जिला अधिकारी को सूचित करते हुए एक पत्र लिखिए।

और पढ़े: AHSEC HINDI QUESTION PAPERS‘ 2015

5. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

(क) प्रिंट माध्यम क्या है?

(ख) जनसंचार माध्यम किस कहते है?

(ग) रेडियो कौन सा जनसंचार माध्यम है-दृष्य या श्रव्य?

(घ) संपादक का मुख्य काम क्या होता है?

(ङ) हिन्दी के दो प्रमुख पत्रिकाओं का नाम लिखिए।

6. () वर्तमान समाज में बहुचर्चित भ्रष्टाचार पर एक आलेख प्रस्तुत कीजिए।

अथवा

(ख) अपने आँखो देखी किसी एक पथ दुर्घटना पर एक फिचर लिखिए।

7. निम्नलिखित काव्यांष को पढ़कर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

(क) बच्चे प्रत्याषा में होंगे,

नीड़ों से झाँक रहे होंगे,

यह ध्यान परों में चिड़ियों के भरता-

कितनी चंचलता है!

दिन जल्दी-जल्दी ढलता है

प्रश्न:

(क) प्रस्तुत काव्यांष के कवि और कविता का नाम बताइए।

(ख) बच्चे प्रत्याषा में किसलिए है?

(ग) परों में चंचलता किस कारण आ जाती है?

(घ) ’नीड़ो से झाँक रहे होंगे -भाव स्पष्ट कीजिए।

अथवा

() झूमने लगे फल रस अलौकिक,

अमृत धाराएँ फूटतीं रोपाई क्षण की,

कटाई अनंतता की लुटते रहने से जरा भी नहीं कम होती।

रस का अक्षय पात्र सदा का छोटा मेरा खेत चैकोना।

प्रश्न:

(क) कवि ने किसे अलौकि रस कहा है ?

(ख) ’रोपाई क्षण की, कटाई अनंतता की’ – आषय स्पष्ट कीजिए।

(ग) कवी ने रस का अक्षय पात्र किसे कहा है और क्यों?

(घ) ’लुटते रहने से जरा भी नहीं कम होती’ – भाव स्पष्ट कीजिए।

और पढ़े: AHSEC HINDI QUESTION PAPERS‘ 2016

8. निम्नलिखित में से किसी एक काव्यांष को पढ़कर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

(क) कविता एक खिलना है फूलों के बहाने

क्विता का खिलना भला फूल क्या जाने!

बहर भीतर इस घर, उस घर

बिना मुरझाए महकने के माने

फूल क्या जाने?

प्रश्न:

(क) ’कविता एक खिलना है फूलों के बहाने’ – आषय स्पष्ट कीजिए।

(ख) ’बिना मुरझाए महकने के माने फूल क्या जान’ – भाव सौन्दर्य पर प्रकाष डालिए।

(ग) बिना मुरझाए बाहर-भीतर कौन महकता है?

अथवा

() आँगन में ठुनक रहा है जिदयाया है

बालक तो हुई चाँद पै ललचाया है

दर्पन उसे दे के कह रही है माँ

देख आईने में चाँद उतर आया है।

प्रश्न:

(क) बालक आंगन में ठुनक कर माँ से क्या जिद कर रहा है?

(ख) माँ बालक को किस प्रकार शान्त करती है?

(ग) प्रस्तुत काव्यांष के कवि और कविता का नाम बताइए।

9. निम्नलिखित में से किन्ही दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

(क) नील जल में या किसी की गौर झिलमिल देह जैसे हिल रही हो। – आषय स्पष्ट कीजिए।

(ख) खेती न किसान को, भिखारी को न भीख, बलि, ब्निक को बनिक, न चाकर को चाकरी। – भाव स्पष्ट कीजिए।

(ग) ’हम समर्थ शक्तिवान, हम एक दुर्बल को लाएँगे – इन पंक्तियों के माध्यम से कवि ने क्या व्यंग किया है?

(घ) तुम्हें भूल जाने की, दक्षिणी ध्रुवी अधंकार-अमावस्या – कवि ने व्यक्तिगत सन्दर्भ में किस स्थिति को अमावस्या कहा है?

और पढ़े: AHSEC HINDI QUESTION PAPERS‘ 2017

10. निम्नलिखित में से किसी एक गद्यांष को पढ़कर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

(क) यहाँ मुझे ज्ञात होता है कि बाजार को सार्थकता भी वही मुनष्य देता है जो जानता है कि वह क्या चाहता है। और जो नही जानते कि वे क्या चाहते हैं, अपनी ’पर्चेजिंग पावर के गर्व में अपने पैसे से केवल एक विनाषक शक्ति-शैतानी शक्ति, व्यंग्य की शक्ति ही बाजार को देते हैं। न तो वे बाजार से लाभ उठा सकते हैं, न उस बाजार को सच्चा लाभ दे सकते हैं।

वे लोग बाजार का बाजारूपन बढ़ाते हैं। जिसका मतलब है कि कपट बढ़ाते हैं। कपट की बढ़ती का अर्थ परस्पर में सद्भाव की घटी। इस सद्भाव के हृास पर आदमी आपस में भाई-भाई और सुहृदय और पड़ोसी फिर रह ही नहीं जाते हैं और आपस में कोरे ग्राहक और बेचक की तरह व्यवहार करते हैं।

प्रश्न:

(क) बाजार की सार्थकता का क्या आषय है?

(ख) किस प्रकार के लोग बाजारूपन को बढ़ाते हैं और कैसे?

(ग) धन की शक्ति का बाजार पर क्या प्रभाव पड़ता है?

(घ) बाजार में सद्भाव क्यो घटता है? स्पष्ट कीजिए।

() ’’भारतीय कला और सौंदर्य शास्त्र को कई रसों का पता है, उनमें से कुछ रसों का किसी कलाकृति में साथसाथ पाया जाना श्रेयस्कर भी माना गया है, जीवन में हर्ष और विषाद आते रहते हैं यह संसार की सारी सांस्कृतिक परंपराओं को मूल है, लेकिन करूणा का हास्य में बदल जाना एक ऐसे रस – सिद्वान्त की माँग करता है जो भारतीय परंपराओं में नही मिलता। ’रामायण’ तथा ’महाभारत’ में जो हास्य है वह ’दूसरों’ पर है और अधिकांषतः वह परसंताप से प्रेरित है।

जो करूणा है वह अकसर सद्व्यक्तियों के लिए और कभी-कभार दुष्टों के लिए है। संस्कृत नाटकों में जो विदूषक है वह राजव्यक्तियों से कुछ बदतमीजियाँ अवष्य करता है, किंतु करूणा और हास्य का सामंजस्य उसमें भी नहीं है। अपने ऊपर हँसने और दूसरों में भी वैसा ही माद्या पैदा करने की शक्ति भारतीय विदूषक में कुछ कम ही नजर जाती है।’’

प्रश्न:

(क) भारतीय सौंदर्य शास्त्र में विभिन्न रसों का मेल किस भांति होता है?

(ख) संस्कृत नाटकों के विदूषक किस प्रकार का होता है?

(ग) भारतीय कलाओं में करूणा किन पर व्यक्त की जाती है?

(घ) ’’रामायण’ तथा ’महाभारत’ का हास्य किस प्रकार का है?

(ङ) बाजार में सद्भाव क्यो घटता है? स्पष्ट कीजिए।

11. निम्नलिखित में से किसी चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

(क) ’बाजार में एक जादू है। लेखक ने ऐसे क्यो कहा?

(ख) जीजी मनुष्य के किस आचरण को महत्व देती है?

(ग) चार्ली के मन पर हास्य और करूणा के संस्कार कैसे पड़े?

(घ) स़िफया नमक की पुड़िया को कीनुओं की टोकरी के नीचे क्यों छिपाती है?

(ङ) लेखक ने षिरीष को कालजयी अवधूत की तरह क्यो माना है?

और पढ़े: AHSEC HINDI QUESTION PAPERS‘ 2018

पूरक पुस्तक (वितान भाग-2)

12. निम्नलिखित में से किसी दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

(क) यशोधर बाबू और उनके बच्चों के बीच के सम्बंध कैसे थे?

(ख) यशोधर बाबू की दिनचर्या कैसी थी?

(ग) सिंधु सभ्यता साधन-सम्पन्न थी, पर उसमें भव्यता का आडंबर नही था। कैसे?

13. किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

(क) मोहन जोदाड़ो सभ्यता के किन्ही तीन विषेषताओं पर प्रकाष डालिए?

(ख) मोहन जोदाड़ो सभ्यता को लो-प्रोफाइल सभ्यता क्यो कहा जाता है?

(ग) यशोधर बाबू की पत्नी समय के साथ आगे बढ़ने में सफल हो गयी थी, लेकिन यशोधर बाबू असफल रह गये।’ – ऐसा क्यों?

14. ’क्या सिन्धु घाटी सभ्यता को हमज संस्कृति कह सकते हैं?’’

अथवा

’सिल्वर वैडिंग’ पाठ में नयी पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी के अन्तराल को किस तरह दिखाया गया है? स्पष्ट कीजिए।

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और पढ़े:

1. HINDI QUESTION PAPERS (AHSEC CLASS 12)’ – 2014 TO 2020

2. HINDI QUESTION PAPERS – IGNOU MHD

3. HINDI QUESTION PAPERS – DIBRUGARH UNIVERSITY

4. Advance Hindi Question Papers – Class 11